श्री राज गोपाल संस्कृत महाविद्यालय की स्थापना भगवान् श्री राम की जन्मस्थली अयोध्या में श्रीराजगोपाल मंदिर के महन्त सन्त श्री गोपाल दास जी महाराज द्वारा सन् 1864 में की गयी थी । यह संस्था सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी से प्रथमा से आचार्य परीक्षा तक मान्यता प्राप्त एवं उत्तर प्रदेश शासन द्वारा प्रथम श्रेणी में वर्गीकृत थी । सम्प्रति शासन के निर्देशानुसार इस संस्था के दो विभाग हो गये है 1. श्री राज गोपाल संस्कृत महाविद्यालय एवं 2. श्री राज गोपाल संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय । संस्था का उद्देश्य वेद, व्याकरण, ज्योतिष, साहित्य, वेदान्त आदि प्रौढ़ विषयों के अध्ययन के साथ हिन्दी, भूगोल, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, विज्ञान, ग्रहविज्ञान, आदि आधुनिक विषयों में छात्रों का निष्णांत कर भारतीय संस्कृति के अनुरूप उनका विकास करना है । विद्यालय में श्री राजगोपाल मन्दिर ट्रस्ट द्वारा संचालित छात्रावास की भी सुन्दर व्यवस्था है जिसमें 40 से भी अधिक छात्र निःशुल्क भोजन, वस्त्र, आवास, चिकित्सा आदि की सुविधाएं प्राप्त करते हैं । महाविद्यालय सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद् उत्तर प्रदेश लखनऊ से सम्बद्ध होकर संचालित है । |
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