यह महाविद्यालय राजगोपाल ट्रस्ट द्वारा संस्थापित हैं । जिसके संचालानार्थ एक समिति गठित की गई हैं । जिसका पंजीकरण रजिस्ट्रार सोसाइटी चिट्स एण्ड फण्ड अयोध्या द्वारा किया गया हैं । जो एक निश्चित नियमावली के द्वारा संस्था का संचालन करती हैं । इस संस्था के दो अंग हैं । एक साधारण सभा, दूसरा प्रबन्धकारिणी समिति दोनो समितियों की वर्तमान सूची निम्नवत् हैं -
यह संस्था सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी से सम्बद्व हैं, जिसमें वेद, व्याकरण, ज्योतिश, वेदान्त, साहित्य, विषयों की आचार्य क़क्षा पर्यन्त मान्यता हैं । सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम की निर्देषिका के अनुसार शास्त्री कक्षा में हिन्दी, भूगोल, इतिहास, विज्ञान, राजनीतिशास्त्र, समाजशास्त्र, गृहविज्ञान, आदि विषयों में तथा अतिरिक्त विषयों के साथ में अंग्रेजी का भी अध्ययन कराया जाता हैं । राजगोपाल मन्दिर के महन्थ आजीवन इस संस्था का अध्यक्ष होता हैं । इस नियम के अनुसार संस्थापक अध्यक्ष गोपाल दास जी महराज से लेकर निवर्तमान महन्थ मधुसुदन दास जी तक इसके अध्यक्ष रहे वर्तमान में अध्यात्मिक जगत में साधना के क्षे़त्रों में ख्याति प्राप्त विलक्षण प्रतिभा के धनी वर्तमान महन्थ श्री कौशल किशोर शरण फलाहारी जी महराज संस्था के अध्यक्ष हैं । जिनके कुशल निर्देष में संस्था अपने उद्देश्यों में सफलता पूर्वक कार्य कर रही हैं । |
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