राजगोपाल संस्कृत महाविद्यालय

Rajgopal Sanskrit Mahavidyalaya
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सुविधाएं

1. विद्यालय भवन :- इस विद्यालय का दो मंजिला विशाल निजी भवन हैं । जिसमें अध्ययन कक्ष, कार्यालय कक्ष, अध्यापक कक्ष, अतिथि कक्ष, शौचालय, स्नानागार की समुचित व्यवस्था हैं । छात्रों के रहने के लिए पर्याप्त संख्या में आवश्यक सुविधाओं से युक्त कक्षों की व्यवस्था हैं । छात्रों के पीने हेतु शुद्ध जल एवं वॉटर कूलर की व्यवस्था उपलब्ध हैं । संस्था के भवन की सुरक्षा हेतु नियमानुसार अग्निशामक यंत्र भी लगाये गये हैं । समय समय पर आवश्यकतानुसार भवन की मरम्मत, रंगाई पोताई, एवं आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था की जाती हैं । हर प्रकार की गतिविधियों के निरीक्षण एवं नियन्त्रण हेतु भवन में सी0 सी0 टीवी कैमरे की स्थापना प्रायः हर कक्ष में की गई हैं ।

2. पुस्तकालय :- छात्रों के ज्ञान संवर्धन हेतु महाविद्यालय में एक सुसज्जित एवं सुव्यवस्थित पुस्तकालय स्थापित हैं । जिसमें प्रथमा से आचार्य तक के पाठ्यक्रमोंपयोगी सभी ग्रन्थ उपलब्ध हैं । जो अध्ययनार्थ छात्रों को भी प्रदान किये जाते हैं । इसके अतिरिक्त बेद, पुराण, रामायण, महाभारत, गीता, उपनिषद् एवं स्मृतियों जैसे भारतीय संस्कृति के पोषक धर्म ग्रन्थों तथा खगोल विद्या, ज्योतिष दर्शन और आयुर्वेद जैसे जीवनापयोगी अनेक ग्रन्थ भी स्वाध्याय हेतु उपलब्ध हैं । समाचार पत्र एवं ज्ञानवर्धन हेतु संस्कृत तथा हिन्दी की विविध पत्रिकाओं की भी सुलभता हैं । कुछ प्राचीन ग्रन्थों की दुर्लभ पांण्डुलिपियाँ भी उपलब्ध हैं । जिनके प्रकाशन का भी प्रयास किया जाता हैं । पुस्तकालय का पूर्ण उद्देश्य धर्म संस्कार एवं संस्कृति के संरक्षण हेतु छात्रों को उस प्रकार का ज्ञान प्रदान करना हैं । पुस्तकालय में अध्ययन हेतु समुचित उपकरणों की भी व्यवस्था हैं ।

3. साज सज्जा एवं उपकरण :- महाविद्यालय की कक्षाओं में प्राचीन गुरूकुल प्रणाली के अनुरूप दरी एवं गद्दी के आसन पर बैठकर शिक्षण प्राप्त करने की व्यवस्था हैं । श्यामपट्ट, मानचित्र, चार्ट, आदि के द्वारा शिक्षण की नवीन विधियों का भी प्रयोग किया जाता हैं । आधुनिक विषय के कक्षों में छात्रों एवं अध्यापकों के लिए कुर्सी मेज पर बैठने की भी व्यवस्था है । छात्रों को आधुनिक विषयों से परिचित कराने के लिए कम्प्यूटर, टीवी आदि आधुनिक संसाधन भी समुचित रूप से उपलब्ध हैं । तथा इनके लिए योग्य शिक्षकों की अलग से व्यवस्था हैं । खेल कूद के लिए पर्याप्त संसाधनों की व्यवस्था भी की गई हैं । व्यायाम और योग शिक्षा के लिए समुचित परिसर भी उपलब्ध हैं ।

4. छात्रावासीय व्यवस्था :- महाविद्यालय के वर्तमान समय में लगभग 40 छात्रों के रहने की आवासीय व्यवस्था है जिनके जलपान, भोजन, वस्त्र, पुस्तक आदि सभी आवश्यक वस्तुओं की समुचित व्यवस्था नि:शुल्क संस्था के द्वारा सम्पन्न की जाती है । छात्रावास में अनुशासन व्यवस्था हेतु समय-समय पर अध्यापकों द्वारा निरीक्षण के समुचित निर्देष भी दिये जाते हैं । आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सीय सुविधा भी प्रदान की जाती है । वार्डन के रूप में विद्यालय के स० प्रवक्ता श्री शरद कुमार शुक्ल द्वारा छात्रावासीय छात्रों का समुचित प्रबन्धन व अनुशासन कुशलता पूर्वक किया जाता है ।
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